राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री ने दूरदर्शी राजस्थान मंडपम परियोजना का अनावरण किया।
जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित यह महत्वाकांक्षी परियोजना जयपुर में 94.53 लाख वर्ग फुट के कुल निर्मित क्षेत्रफल (बीयूए) सहित 90 एकड़ से अधिक के भूखंड पर बनने की संभावना है। इस मास्टर प्लान में एक प्रतिष्ठित कन्वेंशन सेंटर (9 लाख वर्ग फुट से अधिक बीयूए), भव्य एक्सपो हॉल (लगभग 7 लाख वर्ग फुट बीयूए), ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और आईटी/आईटीईएस कार्यालय स्थान (लगभग 18 लाख वर्ग फुट बीयूए), होटल, खुदरा सुविधाएं और आवास (10.76 लाख वर्ग फुट से अधिक बीयूए), एक प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय (1.77 लाख वर्ग फुट से अधिक बीयूए), रिवर फ्रंट के सार्वजनिक स्थान, यूनिटी मॉल और फिनटेक प्लाजा (लगभग 69 हजार वर्ग फुट बीयूए) को एकीकृत किया गया है, जिससे व्यापार, पर्यटन, संस्कृति, मनोरंजन और सामाजिक मेलजोल को मिलाकर एक जीवंत मिश्रित उपयोग वाला पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा। दीर्घकालिक शहरी लचीलापन और रहने योग्य वातावरण सुनिश्चित करके कनेक्टिविटी, संधारणीयता, जलवायु-अनुकूल डिज़ाइन और पैदल यात्रियों के अनुकूल सार्वजनिक क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। इस संपूर्ण विकास में लगभग 32.5 लाख वर्ग फुट के निर्मित क्षेत्रफल के साथ पर्याप्त पार्किंग का प्रावधान होगा।
एनबीसीसी द्वारा इसका निष्पादन किए जाने के साथ इस संपूर्ण परियोजना का विकास आरआईआईसीओ द्वारा किया जा रहा है। एनबीसीसी एक सुदृढ़, स्व-वित्तपोषित मॉडल के माध्यम से परियोजना को कार्यान्वित करेगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए वित्तीय संधारणीयता सुनिश्चित होगी। राजस्थान मंडपम और उससे संबंधित विकास कार्यों के विस्तारित पैमाने और व्यापक दायरे को देखते हुए, परियोजना के कुल मूल्य का आकलन ₹5800 करोड़ से अधिक का किया गया है। यह परियोजना इस क्षेत्र पर दूरगामी आर्थिक और सामाजिक प्रभाव डालने वाले सबसे महत्वपूर्ण शहरी अवसंरचना पहलों में स्थापित हो जाती है।
एनबीसीसी ने समयबद्ध सुपुर्दगी की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, अप्रैल में परियोजना के लिए निविदाएं जारी करने की योजना बनाई है, जो आयोजना से निष्पादन तक कार्य को दर्शाता है। एनबीसीसी प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण करने में अपनी सिद्ध विशेषज्ञता के साथ, गुणवत्ता, दक्षता और समय पर परियोजना पूर्ण होने के उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित करेगा।
इस रूपांतरकारी पहल का मुख्य केंद्रबिंदु अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उच्च स्तरीय आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम राजस्थान मंडपम कन्वेंशन सेंटर है, जिसे एनबीसीसी विश्व स्तरीय, बहुआयामी सुविधा के रूप में विकसित करेगा। इस कन्वेन्शन कॉम्प्लेक्स में बैंक्वेट हॉल, शिखर सम्मेलन स्थल, बैठक कक्ष और वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया अत्याधुनिक कॉन्सर्ट एरीना के अतिरिक्त कई सभागार होंगे, जिनमें स्वर्ण, तुलसी और कदम मंडप के साथ-साथ लगभग 6,500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला भव्य पद्म मंडप शामिल हैं।
कन्वेंशन सेंटर की शोभा को और बढ़ाते हुए विशाल एक्सपो हॉल, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), आईटी/आईटीईएस कार्यालय स्थान, फिनटेक प्लाजा, आतिथ्य विकास, खुदरा और आवासीय ज़ोन तथा एक प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय सहित नियोजित संबद्ध अवसंरचना का एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र मौजूद रहेगा। इस परियोजना का अन्य प्रमुख आकर्षण पारिस्थितिक पुनरुद्धार को सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियों के साथ एकीकृत करते हुए द्रव्यवती रिवर फ्रन्ट का जीर्णोद्धार करके इसे एक जीवंत सार्वजनिक स्थान में बदलना है जो संधारणीयता एवं शहरी लचीलेपन पर विशेष जोर देता है।

इस अनावरण समारोह को उद्योग जगत के अग्रणी नेतृत्व प्रमुखों, उद्यमियों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों सहित विशिष्ट दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। माननीय मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य में हो रही तीव्र प्रगति को स्वीकार करते हुए दर्शकों ने परियोजना के व्यापक दायरे, दूरदर्शिता और परिवर्तनकारी क्षमता की अत्यधिक सराहना की। इस पहल में व्यापक विश्वास को रेखांकित करते हुए प्रस्तुति का समापन खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ हुआ।
राजस्थान मंडपम और संबद्ध परियोजनाएँ आधुनिक राजस्थान के प्रतीक के रूप में स्थापित हैं, जहाँ दूरदर्शी नेतृत्व विश्वस्तरीय निष्पादन से मिलता है। यह परियोजना जयपुर के शहरी परिदृश्य को पुनर्परिभाषित करने और इसे सम्मेलनों, व्यवसायों, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक प्रमुख वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए तैयार है।

