दिनांक 20 जनवरी 2025 को डॉनल्ड ट्रम्प अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बनाएगए थे। वर्ष 2024 में ट्रम्प ने अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव “Make America Great Again” अर्थात “अमेरिका को पुनः महान बनाएं”, नारे के साथ जीताथा। वर्ष 2025 का पूरा वर्ष भर पूरे विश्व ने ट्रम्प को अमेरिकी राष्ट्रपति के रूपमें कार्य करते हुए देखा। लगभग पूरा 2025 का वर्ष ट्रम्प ने विभिन्न देशों सेअमेरिका को होने वाले उत्पादों के आयात पर टैरिफ लगाते हुए बिताया औरमित्र देशों सहित कई देशों से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर भारी भरकमटैरिफ लगाए। ट्रम्प का सोचना था कि टैरिफ को बढ़ाकर वे अन्य देशों सेअमेरिका को होने वाले निर्यात को कम करेंगे और इससे अमेरिका में ही इनउत्पादों का उत्पादन प्रारम्भ हो जाएगा। ट्रम्प का संभवत: यह सोचना था किउनका यह प्रयास अमेरिका को महान बनाते हुए शेष विश्व को विपरीत रूप सेप्रभावित करेगा। परंतु, वर्ष 2025 में अमेरिका एवं शेष विश्व के आर्थिक क्षेत्र केआंकडें देखने पर ध्यान में आता है कि अमेरिका के मित्र राष्ट्रों सहित विभिन्नदेशों से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर लगाए गए टैरिफ का असर अन्य देशोंकी अर्थव्यवस्थाओं पर लगभग नहीं के बराबर पड़ा है। बल्कि, इसकाखामियाजा अमेरिका के नागरिकों को भुगतना पड़ा है। अमेरिका द्वारा लगाए गएटैरिफ से अमेरिका में उत्पादों की कीमतों में बेतहाशा बृद्धि दर्ज हुई है, इससे मुद्रास्फीति में वृद्धि तेज हुई है एवं अमेरिकी नागरिकों को विभिन्न उत्पादों को बढ़ीहुई कीमतों दरों पर खरीदना पड़ रहा है। अमेरिकी नागरिक पिछले 5 वर्षों कीतुलना में आज खाद्य सामग्री पर 30 प्रतिशत अधिक खर्च कर रहे हैं। अमेरिकामें उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें 22 प्रतिशत से बढ़ चुकी हैं। खाद्य पदार्थों एवंमकान की कीमतों में 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई हैं। अमेरिका में मुद्रा स्फीतिकी दर भी 3 से 4 प्रतिशत के बीच बनी हुई है, जो पिछले कई वर्षों की तुलनामें बहुत अधिक है। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ से परेशान हो रहा हैअमेरिकी नागरिक, न कि अन्य कोई देश। श्री रुचिर शर्मा, भारतीय मूल केअमेरिकी लेखक एवं फायनैन्शल टाइम्स के स्तम्भ लेखक, ने अपने एकसाक्षात्कार में कई आंकडें दिए हैं, जिनका प्रयोग इस लेख को तैयार करने मेंकिया गया है।
अमेरिका द्वारा विभिन्न देशों से अमेरिका को होने वाले आयात पर लगाए गएटैरिफ के पश्चात अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर कम होती हुईदिखाई दे रही है। वर्ष 2024 में अमेरिका में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर2.8 प्रतिशत की रही थी जो वर्ष 2025 में घटकर 2.1 प्रतिशत हो गई। जबकिवैश्विक स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर दोनों वर्षों, 2024 एवं 2025, में 2.8 प्रतिशत बनी रही है। वर्ष 2025 में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में किसीप्रकार की कमी दृष्टिगोचर नहीं हुई है। भारत में सकल घरेलू उत्पाद में वर्ष2024 में वृद्धि दर, 6.5 प्रतिशत की रही थी, जो वर्ष वर्ष 2025 में बढ़कर 7.2 प्रतिशत की हो गई। वर्ष 2024 में उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से 52 प्रतिशतदेशों की प्रति व्यक्ति सकल उत्पाद में वृद्धि दर अमेरिका की
