भारतीय परम्परा में ग्यारह की संख्या का अत्यंत शुभ स्थान है। और इस संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल को हम शगुन काल की संज्ञा भी दे सकते हैं। ग्यारह वर्षों का समय कुछ कम नहीं होता यदि किसी व्यक्ति को कुछ कर दिखाना हो तो। जवाहरलाल नेहरू और इन्दिरा गांधी के बाद लम्बे कार्यकाल तक काम करने वाले प्रधानमंत्री की सूची में मोदी जी अग्रणी हैं। मोदी जी की जनमानस के दिमाग पर छा जाने वाली लोकप्रियता इनके सशक्त नेतृत्व और इनकी अद्वितीय कार्यशैली के ही कारण है; और यही जनता के विश्वास का भी मुख्य आधार है। इनके सशक्त नेतृत्व में भारत न केवल यूरोप के सामानांतर प्रगतिशील बना बल्कि विश्व में अपना लोहा कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बाद भी सबके सामने मनवाया। भारत में प्रतिव्यक्ति औसत आय बढ़ाने की और अधिक आवश्यकता है जिसपर सरकार और अन्य सहयोगी एजेंसियाँ दृढ़ता से कार्यरत हैं।
यह मोदी सरकार का ही कार्यकाल है जब आतंकवाद पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति बनी और उसे कड़ाई के साथ लागू किया गया। हमने समय-समय पर इसके परिणाम और प्रभाव दोनों ही देखे हैं। ऑपरेशन सिंदूर उसकी ही एक झलकी है। अनुच्छेद 370 की समाप्ति, पुलवामा हमले के प्रत्युत्तर में पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम सरकार ने उठाये और देश की भली प्रकार रक्षा की। न केवल देश के सीमावर्त्ती प्रदेशों को शक्तिशाली किया वरन भारत ने ग्लोबल साउथ की अवधारणा को और भी सक्षम करते हुए अफ़्रीकी देशों से अपने सम्बंध प्रगाढ़ किये। रूस-यूक्रेन युद्ध और अमरीकी हस्तक्षेप या नाना प्रकार के दबाव के बाद भी भारत ने रूस से सस्ते दरों पर तेल खरीद कर अपनी विदेश नीति का परचम ही लहराया है।
जहाँ अन्य देश कोरोना के द्वारा की गई हानियों से अभी लड़ के ठीक से खड़े भी नहीं हो पाए हैं वहीं भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को विश्व में चौथे स्थान पर ला खड़ा कर सम्पूर्ण विश्व को आश्चर्यचकित कर हमें गर्व की अनुभूति करायी है। परन्तु इन सबका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और उनकी सहयोगी व्यवस्था को ही जाता है।
हमारे देश के निरन्तर विकास में सबसे महत्वपूर्ण योगदान अमूल्य निधि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी पर राष्ट्र समाज पत्रिका द्वारा एक विशेषांक प्रकाशित किया जा रहा है। अतः आपसे सविनय निवेदन है कि आप अपने विचारों को हमारी पत्रिका के पटल से सांझा कर हमें अपनी और आपके द्वारा राष्ट्र की सेवा करने का सुअवसर प्रदान करें। आपकी बातों को जनमानस तक पहुँचाना हमारा परम सौभाग्य होगा। साथ ही आपसे यह भी आग्रह है कि आप विज्ञापन के रूप में सहयोग करके हमें सहायता भी करें और अपने विचारों को भी जन-जन तक पहुँचाएँ।
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