दिनांक 27 जनवरी 2026 को यूरोपीय यूनियन के 27 सदस्य देशों के साथभारत ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है। अब, इस समझौते की शर्तों को इन देशों की संसद द्वारा पारित किया जाएगा, इसकेबाद यह मुक्त व्यापार समझौता यूरोपीय यूनियन एवं भारत के बीच होने वालेविदेशी व्यापार पर लागू हो जाएगा। इस मुक्त व्यापार समझौते को “मदर आफऑल डील्स” कहा जा रहा है। क्योंकि, यह मुक्त व्यापार समझौता विश्व के 28 देशों के उस भूभाग पर लागू होने जा रहा है, जहां विश्व की 30 प्रतिशत आबादीनिवास करती है। पृथ्वी के इस भूभाग पर 200 करोड़ से अधिक नागरिकों कानिवास है। इन 28 देशों की संयुक्त रूप से विश्व के कुल सकल घरेलू उत्पाद में25 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। विश्व की दूसरी सबसे बड़ी (संयुक्त रूप से) अर्थव्यवस्था (यूरोपीय यूनियन – 22 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर) एवं चौथीसबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (भारत – 4 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर) के बीच यहमुक्त व्यापार समझौता सम्पन्न होने जा रहा है। वैश्विक स्तर पर होने वालेविदेशी व्यापार में इन समस्त देशों की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत है। पूरी दुनिया में33 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर का विदेशी व्यापार होता है, इसमें से 11 लाखकरोड़ अमेरिकी डॉलर का विदेशी व्यापार उक्त 28 देशों द्वारा किया जाता है।
उक्त वर्णित मुक्त व्यापार समझौता विश्व का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है।इसके पूर्व, सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते के रूप में चीन एवं 10 आशियानदेशों के बीच सम्पन्न हुए मुक्त व्यापार समझौते को माना जाता है। यह केवलएक मुक्त व्यापार समझौता नहीं बल्कि यूरोपीय यूनियन के 27 देशों एवं भारतके बीच साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है। इस समझौते में पूरी दुनिया कीआर्थिक दशा एवं दिशा बदलने की क्षमता है। उक्त व्यापार समझौता को सम्पन्नकरने के प्रयास पिछले 18 वर्षों से हो रहे थे। परंतु, कुछ विपरीत परिस्थितियोंके चलते इस समझौते को सम्पन्न होने में इतना लम्बा समय लग गया है, अतःयह अब भारत एवं यूरोपीय यूनियन के 27 देशों के बीच एक नए युग कीशुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। उक्त मुक्त व्यापार समझौते के सम्पन्न होनेके पश्चात वर्ष 2032 तक यूरोपीयन यूनियन के सदस्य देशों एवं भारत के बीचविदेशी व्यापार के दुगना होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। इसके पूर्वभारत एवं यूनाइटेड किंगडम के बीच भी मुक्त व्यापार समझौता सम्पन्न कियाजा चुका है। अब कनाडा के प्रधानमंत्री भी संभवत: मार्च माह में भारत के दौरेपर आने वाले है और भारत एवं कनाडा के बीच भी कुछ क्षेत्रों में व्यापारसमझौता सम्पन्न होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। अमेरिका मुक्तव्यापार समझौतों को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, जबकि भारतमानवतावादी दृष्टिकोण को अपनाते हुए विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापारसमझौते कर रहा है ताकि भारत एवं अन्य समस्त देशों में निवासरत नागरिकों कोइन समझौतों से लाभ मिले। यह भारतीय संस्कृति के वसुधैव कुटुम्बकम के भावको दर्शाता है। भारत की इस नीति के चलते ही विश्व के कई देश अब भारत
