सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी 2026 से लागू हुए
UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) नियम, 2026पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इन नियमों को “अस्पष्ट” और “विभाजनकारी” बताते हुए कहा कि इससे परिसर की एकता कमजोर हो सकती है। तब तक के लिए 2012 के पुराने नियम लागू रहेंगे।
मुख्य अपडेट:
- रोक का कारण: कोर्ट ने पाया कि नए नियम (विशेषकर 3C) जाति-आधारित भेदभाव के मामले में अस्पष्ट हैं और इनका दुरुपयोग हो सकता है।
- समिति का सुझाव: CJI की बेंच ने सरकार को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रतिष्ठित न्यायविदों (eminent jurists) की एक समिति गठित करने का सुझाव दिया है।
- विरोध और समर्थन: नियम के विरोध में सवर्ण संगठन सड़कों पर उतरे, जबकि कुछ वर्ग इसके समर्थन में हैं, जिससे देश भर में राजनीतिक हलचल है।
- अगली सुनवाई: इस मामले में आगे की सुनवाई 19 मार्च 2026 के आसपास के समय में जारी है।
- मूल रूप से, ये 2026 के नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने और SC/ST/OBC छात्रों के लिए शिकायत निवारण प्रणाली (विशेष कमेटियां और हेल्पलाइन) को मजबूत करने के लिए बनाए गए थे, जिसे कोर्ट ने अभी स्थगित किया
सुप्रीम कोर्ट ने UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) विनियम, 2026 पर लगी रोक (Stay) को जारी रखा है।
19 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना) विनियम, 2026 पर लगी रोक (Stay) को जारी रखा है। कोर्ट ने नए नियमों में जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा को “अस्पष्ट” और “दुरुपयोग” के योग्य मानते हुए, केंद्र सरकार से इस मामले में अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया मांगी है। फिलहाल 2012 के पुराने नियम लागू रहेंगे।

19 मार्च की सुनवाई के मुख्य बिंदु:
- रोक जारी (Stay Continued): सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को लगाए गए स्टे को बरकरार रखा है।
- अस्पष्ट परिभाषा: कोर्ट ने नोट किया कि नए नियम, जो उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता के लिए बनाए गए थे, मुख्य रूप से केवल SC/ST/OBC के खिलाफ भेदभाव को कवर करते हैं, जो पक्षपाती हो सकता है।
- अगली सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा, जिसमें सरकार और UGC को कोर्ट के सवालों का जवाब देना है।
- 2012 नियम लागू: जब तक नया नियम स्पष्ट होकर पारित नहीं हो जाता, तब तक 2012 के यूजीसी दिशानिर्देश ही प्रभावी रहेंगे।
यह मुद्दा देश भर के विश्वविद्यालयों में नए दिशानिर्देशों के तहत भेदभाव-विरोधी पैनल की अनिवार्यता और सवर्ण छात्रों द्वारा इसके विरोध के बाद गरमाया हुआ है, जिससे कैंपस में समानता और सामाजिक सामंजस्य को लेकर बहस चल रही है।
सांसद पप्पू यादव
यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले पप्पू यादव ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है.
यूजीसी के नए नियमों को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान असली मुद्दों से हटाकर लोगों को उलझाने पर किया जा रहा है ।

https://www.facebook.com/
