Boeing : हाल ही में एअर इंडिया बोइंग 787-8 प्लेन गुजरात के अहमदाबाद में क्रैश हो गया था और इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद वीमान निर्माता कंपनी बोइंग एक बार फिर चर्चा विषय बन गई। दुनिया की सबसे बड़ी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग 15 जुलाई, 2025 को अपनी 109वीं वर्षगांठ मनाएगी।
एयरोस्पेस सेक्टर में कंपनी के रुतबे की अगर बात की जाए तो दुनियाभर में इसके 10 हजार से ज्यादा कॉमर्शियल प्लेन चल रहे हैं। बोइंग की सबसे ज्यादा 39 प्रतिशत तक कमाई डिफेंस, स्पेस और सिक्योरिटी से होती है। इसके अलावा 32 प्रतिशत तक कमाई कॉमर्शियल प्लेन के जरिए होती है। ऐसे में जानते हैं बोइंग कंपनी के इतिहास के बारे में और कैसा रहा अब तक का सफर?
बोइंग कंपनी की शुरुआत
बोइंग की शुरुआत 109 साल पहले तब हुई जब 1903 में राइट ब्रदर्स ने पहली बार उड़ान भरी और अमेरिकी बिजनेसमैन विलियम ई. बोइंग ने विमानों को तैयार करने वाल कंपनी बनाने के बारे में सोचा। इसके बाद 1916 में उन्होंने एयरो प्रोडक्ट्स के नाम से एक कंपनी शुरु की, जिसके एक साल बाद इसका नाम बदलकर बोइंग एयरप्लेन कंपनी रख दिया।
विश्व युद्ध के दौरान मिला 50 प्लेन बनाने का ऑर्डर
1917 में कंपनी ने पहला प्लेन डिजाइन किया, लेकिन वो उस दौर के विमानों की टेक्नोलॉजी के मामले में काफी पिछड़ा था। इसी दौर में विश्वयुद्ध की शुरुआत भी हो चुकी थी। युद्ध के लिए विमानों की जरूरत भी थी तो ऐसे में कंपनी को 50 प्लेन बनाने का ऑर्डर मिला। यही वो समय था जब बोइंग कंपनी की किस्मत पलट गई और कंपनी ने विस्तार की योजना बनाई।
कंपनी ने शुरू किए कमर्शियल प्लेन बनाने
फर्स्ट वर्ल्ड वॉर के बाद बोइंग ने कमर्शियल प्लेन्स बनाना शुरू कर दिया और समय के साथ कंपनी विस्तार करना भी जारी रखा। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बोइंग अब तक 32 से ज्यादा कंपनियों को टेकओवर कर चुकी है।
बोइंग का 7-7 फॉर्मूला
1945 में कमर्शियल प्लेन दिया बोइंग 700 नाम
मार्केटिंग टीम को पसंद नहीं आया नाम
फिर बदलकर किया बोइंग 707
7 से शुरू और 7 पर ही खत्म के फॉर्मूले पर रखे जाने लगे नाम
इस तरह चलन में आया 7-7 फॉर्मूला
विवादों से भी जुड़ा नाम
एक तरफ जहां बोइंग कंपनी सफलता की सीढ़ियां चढ़ती गई तो वहीं दूसरी तरफ इसके साथ विवाद भी जुड़ते गए। दुनिया में बोइंग के कई विमान हादसे का शिकार बने। इससे, कंपनी की क्रेडिबिलिटी पर सवाल उठे, लेकिन कंपनी कमियों को दूर करने के नाम पर विवादों से छुटकारा पाती रही। बोइंग का 737 विमान सबसे ज्यादा विवादों में रहा। 2018 में इंडोनेशिया और 2019 में इथियोपिया में विमान हादसों में 346 लोगों की मौत हुई। इसके बाद 737 मैक्स विमान करीब 20 महीने तक उड़ान नहीं भर सके थे।
कब-कब बड़े हादसों का शिकार हुए बोइंग के विमान
फरवरी, 2024 तक 737 विमानों से संबंधित 529 विमानन दुर्घटनाएं और घटनाएं हुई हैं। इन हादसों में कुल 5, 779 मौतें 234 नुकसान हुए।
बोइंग 737 का विमान पहली बार 19 जुलाई 1970 को दुर्घटना का शिकार हुआ था।
इसके बाद 8 दिसंबर, 1972 में यूनाइटेड एअरलाइन्स फ्लाइट 553 क्रैश में 45 लोगों की मौत हुई।
फिर 31 मई, 1973 को इंडियन एअरलाइन्स 440 नई दिल्ली के पालम एअरपोर्ट पर क्रैश हो गई, जिसमें 48 लोगों की मौत हुई।
4 दिसंबर, 1977 को मलेशियन एअरलाइन सिस्टम फ्लाइट 653 क्रैश हुई, जिसमें 100 लोगों की मौत हुई।
11 फरवरी, 1978 को पैसेफिक वेस्टर्न एअरलाइन्स फ्लाइट 314 क्रैश हुई, जिसमें 42 लोगों की मौत हुई।
22 अगस्त, 1981 को फार ईस्टर्न एअर ट्रांसपोर्ट फ्लाइट 103 बीच हवा में क्रैश हो गया, जिसमें 110 लोगों की मौत हुई।
13 जनवरी, 1882 को एअर फ्लोरिडा फ्लाइट 90 क्रैश हुआ, जिसमें 79 लोगों की मौत हुई।
11 जुलाई, 1983 को TAME इक्वाडोर फ्लाइट 173 क्रैश हुई, जिसमें 119 लोगों की मौत हुई।
23 सितंबर, 1883 को गल्फ एअरलाइन 771 में बम फट गया, जिसमें 112 लोगों की मौत हुई।
8 नवंबर, 1983 को TAAG एंगोला एअरलाइन्स फ्लाइट 462 क्रैश हो गई, जिसमें 130 लोगों की मौत हुई।
31 अगस्त, 1987 को थाई एअरवेज फ्लाइट 365 क्रैश हो गई, जिसमें 83 लोगों की मौत हुई।
2 6 अप्रैल, 1993 को इंडियन एअरलाइन्स फ्लाइट 491 क्रैश हो गई, जिसमें 55 लोगों की मौत हो गई।
29 फरवरी, 1996 को फॉसेट फ्लाइट 251 क्रैश हो गई, जिसमें 123 लोगों की मौत हुई।
19 अप्रैल, 2000 को एअर फिलिपींस फ्लाइट 541 क्रैश हो गई, जिसमें 131 लोगों की मौत हुई।
8 जुलाई, 2003 को सूडान एअरवेज फ्लाइट 139 क्रैश हो गई, जिसमें 116 लोगों की मौत हुई।
3 फरवरी, 2005 को काम एअर फ्लाइट 904 क्रैश हो गई, जिसमें 114 लोगों की मौत हुई।
5 सितंबर, 2005 को मंडाला एअरलाइंस फ्लाइट 091 क्रैश हो गई, जिसमें 149 लोगों की मौत हुई।
22 अक्टूबर, 2005 बेलव्यू एयरलाइंस फ्लाइ 210 क्रैश हो गई, जिसमें 117 लोगों की मौत हुई।
20 अप्रैल, 2012 को भोजा एअर फ्लाइट 213 क्रैश हो गई, जिसमें 127 लोगों की मौत हुई।
18 मई, 2018 को क्यूबाना डे एविएसिओन फ्लाइट 972 क्रैश हो गई, जिसमें 112 लोगों की मौत हो गई।
8 फरवरी, 2020 को यूक्रेन इंटरनेशनल एअरलाइन्स फ्लाइट 752 क्रैश हो गई, जिसमें 176 लोगों की मौत हुई।
21 मार्च, 2022 को चाइना ईस्टर्न एअरलाइन्स फ्लाइट 5735 क्रैश हो गई, जिसमें 132 लोगों की मौत हुई।
29 दिसंबर, 2024 को जेजू एअर फ्लाइट 2216 क्रैश हो गई, जिसमें 179 लोगों की मौत हुई।
12 जून, 2025 को एअर इंडिया की फ्लाइट क्रैश हुई, जिसमें 270 लोगों की मौत हुई।
