“संत दर्शन”
प्रतापगढ़ उ.प्र के आशापुर मिश्रान गांव में जन्मे रंजित जी महाराज ने प्रयागराज उत्तर .प्रदेश में तपस्या स्थली स्थापित की।जन्म के दिन पिता ने मुकदमा जीतने की खुशी में नाम “रनजीत” रखा।
- बाबा के दाहिने हाथ की हथेली पर प्राकृतिक रूप से ॐ का चिन्ह बना है जो आज श्रद्धा का प्रतीक है। देश भर के संत, अधिकारी, राजनेता बाबा के सानिध्य में आते हैं। बाबा का संदेश – “विश्व कुटुम्बकम” और “राष्ट्र सेवा”।

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: “राष्ट्रीय एकता की मिसाल” धर्म से ऊपर है इंसानियत
अंतर्राष्ट्रीय संत धर्मगुरु रणजीत जी महाराज अपने ॐ वाले हाथ से भक्त को आशीर्वाद देते हुए। बाबा कहते हैं – “मंदिर-मस्जिद सब में एक
एक संत पहुंचे कांठ… और एक मुस्लिम महिला को दिलाया इंसाफ!”
“मामला है कांठ तहसील का। हरिनूपुर की सईदा खातून का मकान 4दिन से बंद कर घर से निकल दिया गया ।
कभी ट्रेन में सईदा की मुलाकात प्रयागराज के धर्मगुरु रंजीत मिश्रा जी से हुईथी , संत ने कहा – ‘परेशानी हो तो फोन करना’।
“सईदा खातून” और “धर्मगुरु रंजीत मिश्रा” की है।

_”जाति, मजहब से ऊपर उठकर जब हम एक-दूसरे का सम्मान करेंगे, तभी भारत विश्व गुरु बनेगा।”_ संत रंजित जी महाराज
प्रयागराज से हवाई सफर करके धर्मगुरु ने दिलाया “इंसाफ” बंद था घर, कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।ट्रेन में हुई मुलाकात ने एक महिला की जिंदगी बदल दी।
धर्मगुरु रंजीत मिश्रा जी ने कहा – “मेरी नजर में कोई हिंदू-मुसलमान नहीं, सिर्फ इंसानियत है
50 साल… नानी का दिया हुआ घर… और ताला लगा कर १५ अगस्त के दिन ही उसे घर से निकाल दिया गया। प्रयागराज के धर्मगुरु रंजीत मिश्रा जी ने एक फोन पर हजारों KM का सफर तय किया।और
समाधान फाउंडेशन के अध्यक्ष डा. प्रमोद तिवारी को दिल्ली से साथ में लेकर तहसील पहुंचे और वहाँ तहसील दिवस पर एसडीएम तसीलदार कानूनगो लेखपाल सीओ सभी मौके पर मौजूद थे । उस दौरान एसडीएम के सामने धर्म गुरु न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए और पीड़ित महिला को इंसाफ दिलाया।

एसडीएम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कहा कि पीड़ित को इंसाफ़ दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए गए । उन्होंने कहा कि पीड़ित के घर पर लगे ताले को तोड़कर पीड़िता को घर में सुरक्षित रखा जाय ताकि पीड़ित को न्याय मिले । पीड़िता को आश्वासन देते हुए धर्म गुरु ने कहा कि अगर पीड़िता को गॉव के लोगों से कोई शिकायत होती है तो वह हमसे संपर्क करके बता सकती हैं और भोजन इत्यादि की व्यवस्था भी हम करेगे ताकि कोई परेशानी न हो सके ।
ये राजनीति नहीं, ये इंसानियत है
