नई दिल्ली : राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम में देशभर में देशभक्ति और राष्ट्रभाव की सामूहिक अभिव्यक्ति देखने को मिली। देशभर में 25,000 से अधिक स्थानों पर सुबह 11 बजे विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों एवं जनसमुदाय ने एक साथ सम्पूर्ण वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन किया। विद्याभारती के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी आयोजन में 75 लाख से अधिक लोगों ने सहभागिता की। प्रमुख स्थानों पर गणमान्य लोगों की सहभागिता दिल्ली के मुख्य कार्यक्रम में विद्याभारती के अखिल भारतीय महामंत्री श्री देशराज शर्मा मुख्य अतिथि रहे। गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय सेना के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भोपाल में मुख्य कार्यक्रम सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक आवासीय विद्यालय, शारदा विहार द्वारा शौर्य स्मारक पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, आचार्यों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। एक स्वर–एक संकल्प–एक भारत’ का संदेश‘नमामि भारतम्’ केवल सामूहिक गायन का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि ‘वन्दे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका तथा भारतीय राष्ट्रीय जीवन में उसके महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का राष्ट्रव्यापी अभियान भी रहा। विद्याभारती के विद्यालयों एवं संस्थानों में सामूहिक गायन के साथ वन्दे मातरम् के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभाव से संबंधित विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की गईं। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में प्रमाणित कार्यक्रम की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (ABR) एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (IBR) द्वारा एक ही समय में विभिन्न स्थानों पर सर्वाधिक संख्या में विद्यार्थियों एवं जनसमुदाय द्वारा सम्पूर्ण वन्दे मातरम् के सामूहिक गायन के लिए कार्यक्रम का प्रमाणीकरण किया गया। नमामि भारतम्’ ने वन्दे मातरम् के 150वें वर्ष को व्यापक राष्ट्रीय सहभागिता के साथ स्मरणीय बनाया।
