नई दिल्ली: दिवाली से पहले देशभर में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। चीनी के दाम 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। त्योहारों के मौसम में मिठाई, लड्डू, बर्फी, गुलाब जामुन और अन्य पकवानों की मांग बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ता है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी से मिठाई कारोबारियों की लागत भी बढ़ सकती है। बाजार में चीनी की बढ़ती कीमतों के पीछे मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन सहित कई कारण हो सकते हैं। दिवाली के दौरान हलवाई और मिठाई निर्माता बड़ी मात्रा में चीनी खरीदते हैं। वहीं, परिवहन खर्च, थोक बाजार की स्थिति और उत्पादन से जुड़े कारक भी खुदरा कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। यदि मांग में तेजी बनी रहती है और आपूर्ति में पर्याप्त सुधार नहीं होता, तो आने वाले दिनों में कीमतों पर और दबाव बढ़ने की आशंका है। चीनी के दाम बढ़ने का असर मिठाइयों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। इससे त्योहारों पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों का बजट प्रभावित हो सकता है। हालांकि, कीमतों में आगे कितनी बढ़ोतरी होगी, यह बाजार की स्थिति और आपूर्ति पर निर्भर करेगा। फिलहाल, दिवाली से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने उपभोक्ताओं और मिठाई कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।
