राज्य Archives - Rashtra Tak Hindi Monthly Magazine Tue, 29 Sep 2026 16:58:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://www.rashtratak.com/wp-content/uploads/2025/05/cropped-cropped-WhatsApp-Image-2025-05-08-at-2.40.25-PM-32x32.jpeg राज्य Archives - Rashtra Tak 32 32 आरोहण 2026 में 60 विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन, जीते कई पदक https://www.rashtratak.com/aarohan-2026/ Tue, 29 Sep 2026 16:57:47 +0000 https://www.rashtratak.com/?p=3060 गुरुग्राम हरियाणा: राष्ट्रीय स्तर की नृत्य प्रतियोगिता **आरोहण 2026 का आयोजन 30 अगस्त 2026, रविवार को सुबह 9

The post आरोहण 2026 में 60 विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन, जीते कई पदक appeared first on Rashtra Tak.

]]>

गुरुग्राम हरियाणा: राष्ट्रीय स्तर की नृत्य प्रतियोगिता **आरोहण 2026 का आयोजन 30 अगस्त 2026, रविवार को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक किया गया। इस प्रतियोगिता में नृत्यांगना डांस अकादमी और आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल, रोजवुड सिटी, सेक्टर-50, गुरुग्राम से कुल 60 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सभी विद्यार्थियों ने विभिन्न नृत्य विधाओं में शानदार प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

नृत्यांगना डांस अकादमी से लगभग 19 विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। कथक समूह ने रजत पदक, जबकि लोक नृत्य समूह ने रजत एवं कांस्य पदक हासिल किया। वहीं एकल नृत्य श्रेणी में भी लगभग सभी विद्यार्थियों ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता में स्वप्निल सिंह, कृष्णा वैष्णव, अहाना श्रीवास्तव, इवान्शिका, कुंतल, सानवी वैकोले, सानवी अग्रवाल, आरोही श्रीवास्तव, अश्वी त्यागी, सांची, नायरेती पालीवाल, तिशा अवियाना मजूमदार, आरोही और इशिका सहित कई विद्यार्थियों ने भाग लिया।

वहीं आरपीएस इंटरनेशनल स्कूलसे 41 विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। विद्यालय के गिद्धा लोक नृत्य समूह ने स्वर्ण पदक जबकि कनिष्ठ कथक समूह ने रजत पदक हासिल किया। एकल नृत्य में अमना जैन, मितालिनी पंथ, मिराया, आकर्षा शर्मा, दैविक खंडेलवाल ने तबला एकल तथा गीताक्षी ने कथक एकल में शानदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा लवणी सहित कई विद्यार्थियों ने भी पदक जीते। लगभग सभी विद्यार्थियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया।

इस पूरे आयोजन में विद्यार्थियों को ललिता कुंडू द्वारा नृत्य का प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से अभिभावकों, शिक्षकों और दोनों संस्थानों में खुशी का माहौल है। यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और नृत्य के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है।

 

The post आरोहण 2026 में 60 विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन, जीते कई पदक appeared first on Rashtra Tak.

]]>
देवेश की एक भावनात्मक जीवन-यात्रा https://www.rashtratak.com/devesh-ki-ek-bhawatamak/ Sun, 27 Sep 2026 15:13:19 +0000 https://www.rashtratak.com/?p=3055   हर जीवन में कुछ अध्याय ऐसे होते हैं जो खोले नहीं जाते।         देवेश

The post देवेश की एक भावनात्मक जीवन-यात्रा appeared first on Rashtra Tak.

]]>

 

हर जीवन में कुछ अध्याय ऐसे होते हैं जो खोले नहीं जाते।         देवेश की यात्रा भी ऐसी ही है।

युवावस्था से ही संगीत और भजन उनके जीवन की भाषा थे। भजन में उन्हें शांति मिलती थी। फिर नौकरी लगी, विवाह हुआ। लगा जीवन को साथी मिल गया, पर पत्नी के स्वास्थ्य और व्यवहारगत कारणों से घर में तनाव बढ़ने लगा। सम्मान फिर भी बना रहा। एक दिन पत्नी मायके गईं और फिर संपर्क ही समाप्त हो गया। देवेश ने बहुत प्रयास किए, हर उम्मीद टूटी। तभी मन से निकला — _”रिश्ता रहे या न रहे, सम्मान हमेशा रहेगा।”_

अकेलेपन में जीवन ने दूसरा मोड़ लिया। सुनीता नाम की महिला से मुलाकात हुई। लगा फिर सहारा मिलेगा, पर गंभीर आरोप लगे और देवेश को जेल जाना पड़ा। साथ ही नौकरी भी चली गई। विवाह, कानून और रोजगार — सब एक साथ छूटते गए।

टूटे मन को लेकर देवेश वृंदावन चले गए। मंदिरों की घंटियाँ, राधे-राधे की गूंज और संतों के बीच लगभग एक वर्ष रहकर उन्होंने भीतर की शांति खोजी। संसार में सहारा खोजने वाला व्यक्ति अब ईश्वर की शरण में था। वहाँ एक और संबंध बना, पर स्थायित्व नहीं मिला। वे माता-पिता के पास लौटे, पर वृंदावन से नाता बना रहा।

फिर जीवन में एक सनातनी विचारों वाली महिला से मिलना हुआ। इस बार देवेश ने अपना अतीत छिपाया नहीं, स्वीकार किया। यही सच्चाई विश्वास बनी और दोनों ने वृंदावन की पावन धरती पर विवाह कर नई शुरुआत की।

देवेश ने रिश्तों की खुशी, बिछड़ने का दर्द, आरोप, जेल और अकेलापन सब देखा। पर एक चीज कभी नहीं छूटी — भजन। जो कभी आनंद था, वही अब साधना बन गया।

उनकी यात्रा सुरों से शुरू हुई, रिश्तों में उलझी, दर्द से गुजरी और भक्ति तक पहुँची। यही सिखाती है — *टूटना अंत नहीं, कभी-कभी टूटकर ही इंसान अपने भीतर की असली शक्ति को पा लेता है।

डा. अनीता मिश्रा, कवयित्री / लोकगायिका, लखनऊ (उ.प्र.)
—

The post देवेश की एक भावनात्मक जीवन-यात्रा appeared first on Rashtra Tak.

]]>
श्री तेज प्रताप स्मारक बालिका इंटर कॉलेज शिक्षा, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन की गौरवशाली यात्रा https://www.rashtratak.com/ambedakar-nagar-up/ Tue, 22 Sep 2026 02:26:36 +0000 https://www.rashtratak.com/?p=2999 अम्बेडकर नगर यूपी: शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को गढ़ने की

The post श्री तेज प्रताप स्मारक बालिका इंटर कॉलेज शिक्षा, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन की गौरवशाली यात्रा appeared first on Rashtra Tak.

]]>

अम्बेडकर नगर यूपी: शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को गढ़ने की सबसे सशक्त शक्ति है। ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी विचार और संकल्प को आधार बनाकर श्री तेज प्रताप स्मारक बालिका इंटर कॉलेज की स्थापना 1 जुलाई 2004 को की गई।

विद्यालय के स्थापना दिवस का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री जय प्रकाश यादव जी द्वारा किया गया। यह अवसर क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता था, क्योंकि ग्रामीण अंचल में बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल थी।

बालिका शिक्षा को समर्पित एक संकल्प:   विद्यालय के संस्थापक एवं प्रबंधक श्री सतीराम यादव जी ने ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस संस्थान की नींव रखी।उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालयों की संख्या सीमित थी। ऐसे समय में एक बड़े और सुविधासंपन्न विद्यालय की स्थापना अपने आप में दूरदर्शी प्रयास था।

विद्यालय ने प्रारंभ से ही केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास को भी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया। उद्देश्य स्पष्ट था—विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार करना।

तकनीकी शिक्षा की ओर पहला कदम;

बदलते समय और शिक्षा में तकनीक की बढ़ती भूमिका को समझते हुए विद्यालय ने वर्ष 2006 में कंप्यूटर प्रयोगशाला की स्थापना की। ग्रामीण क्षेत्र में उस दौर में कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण पहल थी।
इस कदम ने विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ने का अवसर प्रदान किया। कंप्यूटर शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के सामने आगे की पढ़ाई, रोजगार और तकनीकी क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खुले।

हजारों विद्यार्थियों के भविष्य की नींव

स्थापना से लेकर आज तक विद्यालय की शैक्षणिक यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रही है। विद्यालय में अब तक लगभग 35,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लेकर शिक्षा प्राप्त की है। यह संख्या केवल विद्यालय के विस्तार को नहीं दर्शाती, बल्कि क्षेत्र के लोगों के बीच संस्थान के प्रति बने विश्वास और इसकी निरंतर भूमिका को भी रेखांकित करती है।
विद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाले अनेक विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में अपने कार्य और प्रतिभा के माध्यम से समाज में योगदान दे रहे हैं। प्रत्येक सफल विद्यार्थी इस संस्थान की शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।

शिक्षा से सामाजिक परिवर्तन तक

आज श्री तेज प्रताप स्मारक बालिका इंटर कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
इस संस्थान की यात्रा यह संदेश देती है कि यदि शिक्षा को सही दिशा, अनुशासन और संस्कारों के साथ जोड़ा जाए तो वह आने वाली पीढ़ियों के जीवन को बदल सकती है। विशेष रूप से बालिकाओं को शिक्षा प्रदान करना पूरे परिवार और समाज को आगे बढ़ाने का माध्यम बनता है।
विद्यालय की स्थापना से लेकर आज तक की यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव आए होंगे, लेकिन शिक्षा के प्रति इसकी प्रतिबद्धता निरंतर बनी रही है। आने वाले समय में आधुनिक शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ यह संस्थान नई पीढ़ी के सपनों को आकार देने की दिशा में आगे बढ़ता रहे—यही अपेक्षा है। “तमसो मा ज्योतिर्गमय”
अर्थात—अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर।

इसी आदर्श को अपना मार्गदर्शक बनाकर श्री तेज प्रताप स्मारक बालिका इंटर कॉलेज शिक्षा के प्रकाश को ग्रामीण अंचल की नई पीढ़ी तक पहुँचाने की अपनी यात्रा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।


— राष्ट्र समाज / राष्ट्रतक

The post श्री तेज प्रताप स्मारक बालिका इंटर कॉलेज शिक्षा, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन की गौरवशाली यात्रा appeared first on Rashtra Tak.

]]>
हांडा बैंगल्स के सौजन्य से 27 सितंबर को सजेगी सूफियाना शाम, हमसर हयात और निज़ामी ब्रदर्स देंगे शानदार प्रस्तुति https://www.rashtratak.com/%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%8c%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8/ Sun, 20 Sep 2026 12:58:29 +0000 https://www.rashtratak.com/?p=2996 नई दिल्ली : संगीत प्रेमियों के लिए 27 सितंबर की शाम खास होने जा रही है। हांडा बैंगल्स

The post हांडा बैंगल्स के सौजन्य से 27 सितंबर को सजेगी सूफियाना शाम, हमसर हयात और निज़ामी ब्रदर्स देंगे शानदार प्रस्तुति appeared first on Rashtra Tak.

]]>

नई दिल्ली : संगीत प्रेमियों के लिए 27 सितंबर की शाम खास होने जा रही है। हांडा बैंगल्स के सौजन्य से एक विशेष सूफियाना संगीत संध्या का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हमसर हयात और निज़ामी ब्रदर्स अपनी शानदार प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजकों ने समारोह की तैयारियों और कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की। इस विशेष संगीत संध्या में दिल्ली घराने की सूफी संगीत परंपरा की झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में सूफी संगीत के साथ गीत, ग़ज़ल, भजन और कव्वाली की प्रस्तुतियां भी होंगी। आयोजकों के मुताबिक, इस शाम का उद्देश्य संगीत प्रेमियों को भारतीय संगीत की समृद्ध और रूहानी परंपरा से जोड़ना और उन्हें यादगार सांगीतिक अनुभव प्रदान करना है। निज़ामी ब्रदर्स लंबे समय से अपनी विशिष्ट गायकी और सूफियाना अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्रस्तुति में दिल्ली घराने की संगीत परंपरा, अदब और रूहानियत का संगम देखने को मिलेगा। वहीं, हमसर हयात की प्रस्तुति भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हांडा बैंगल्स के श्री कमल हांडा ने कहा कि यह आयोजन संगीत, संस्कृति और सूफियाना विरासत का खूबसूरत संगम है। उन्होंने कहा कि संगीत के प्रति अपने लगाव के साथ इस कार्यक्रम का उद्देश्य दर्शकों को एक सुकूनभरी और यादगार शाम का अनुभव देना है। हांडा बैंगल्स गोल्ड-प्लेटेड ज्वेलरी के क्षेत्र में सक्रिय ब्रांड है। कंपनी की ओर से विभिन्न डिजाइनों और विकल्पों में ज्वेलरी उपलब्ध कराई जाती है। आयोजकों के अनुसार, मौजूदा समय में गोल्ड-प्लेटेड ज्वेलरी को किफायती विकल्प के तौर पर भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम के टिकट और पास हांडा बैंगल्स के सभी आउटलेट्स पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा, ₹20,000 की खरीदारी करने वाले ग्राहकों को दिए जाने वाले कूपन के माध्यम से भी कार्यक्रम के टिकट/पास प्राप्त किए जा सकते हैं। कार्यक्रम स्थल, इंदिरा गांधी स्टेडियम स्थित के. डी. जाधव हॉल के बाहर भी टिकट उपलब्ध रहेंगे। संगीत और सूफियाना परंपरा के प्रेमियों के लिए यह शाम गीत, ग़ज़ल, भजन, कव्वाली और सूफी संगीत के विविध रंगों से सजी होगी।

The post हांडा बैंगल्स के सौजन्य से 27 सितंबर को सजेगी सूफियाना शाम, हमसर हयात और निज़ामी ब्रदर्स देंगे शानदार प्रस्तुति appeared first on Rashtra Tak.

]]>
दिल्ली में PINE की नई शैक्षणिक पहल की शुरुआत, एक ही छत के नीचे NEET, इंजीनियरिंग और जुडिशियरी की तैयारी https://www.rashtratak.com/delhi-me-pine/ Mon, 14 Sep 2026 09:12:32 +0000 https://www.rashtratak.com/?p=2936 नई दिल्ली: 14 सितंबर 2026: विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी फैकल्टी और बेहतर करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के

The post दिल्ली में PINE की नई शैक्षणिक पहल की शुरुआत, एक ही छत के नीचे NEET, इंजीनियरिंग और जुडिशियरी की तैयारी appeared first on Rashtra Tak.

]]>

नई दिल्ली: 14 सितंबर 2026: विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी फैकल्टी और बेहतर करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से PINE – Pahuja Institute for NEET and Engineering ने दिल्ली में अपनी नई शैक्षणिक पहल की शुरुआत की। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत और व्यापक शैक्षणिक मंच उपलब्ध कराना है। इस पहल के तहत NEET, इंजीनियरिंग और जुडिशियरी की तैयारी को एक ही शैक्षणिक मंच के अंतर्गत लाने पर जोर दिया गया है। संस्थान ऐसा वातावरण तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, जहां भविष्य के डॉक्टर, इंजीनियर और जज एक ही छत के नीचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। PINE द्वारा कक्षा 6वीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष शाम की कक्षाएं भी शुरू की गई हैं। ये कक्षाएं सोमवार से शनिवार शाम 6 बजे से 7 बजे तक आयोजित की जाएंगी। संस्थान का लक्ष्य विद्यार्थियों की शुरुआती शैक्षणिक नींव को मजबूत करना और उन्हें आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रविंदर पाहुजा ने कहा कि विद्यार्थियों को कम फीस में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए सही समय पर सही मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है और मजबूत शैक्षणिक आधार भविष्य में उनके करियर को नई दिशा दे सकता है। डॉ. पाहुजा ने पाहुजा लॉ एकेडमी के पिछले 12 वर्षों के शैक्षणिक अनुभव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि संस्थान लंबे समय से जुडिशियरी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है और यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले कई विद्यार्थी न्यायिक क्षेत्र में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों को अलग-अलग करियर विकल्पों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की बजाय एक ऐसे मंच की आवश्यकता है, जहां उन्हें व्यापक शैक्षणिक मार्गदर्शन मिल सके। इसी सोच के साथ डॉक्टर, इंजीनियर और जज बनने की तैयारी को एक ही छत के नीचे लाने की दिशा में PINE और पाहुजा लॉ एसोसिएट की पहल की गई है। कार्यक्रम में दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश डॉ. सुधीर के. जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने PINE की शुरुआत पर संस्थान को बधाई दी और विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की इस पहल की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षा के विकल्प तथा उच्च योग्यताप्राप्त फैकल्टी की उपलब्धता को सराहनीय बताया। कार्यक्रम के दौरान मेहरबान ने भी PINE की नई पहल के लिए संस्थान को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया तथा PINE द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शिक्षा उपलब्ध कराने और योग्य एवं अनुभवी फैकल्टी की नियुक्ति की सराहना की।

PINE में विद्यार्थियों को बेहतर अकादमिक मार्गदर्शन देने के लिए उच्च योग्यता प्राप्त फैकल्टी की नियुक्ति की गई है। अनुभवी शिक्षकों, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों तथा ऑनलाइन-ऑफलाइन शिक्षा मॉडल के माध्यम से विद्यार्थियों को सुविधाजनक और प्रभावी अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। संस्थान का उद्देश्य केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को उनके स्कूल स्तर से लेकर प्रोफेशनल करियर तक उचित दिशा और मार्गदर्शन प्रदान करना है। कक्षा 6वीं से ही मजबूत आधार तैयार करने के साथ विद्यार्थियों को भविष्य में NEET, इंजीनियरिंग और जुडिशियरी जैसे क्षेत्रों के लिए तैयार करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस नई पहल के साथ PINE और Pahuja Law Associate का लक्ष्य दिल्ली में एक ऐसा समग्र शिक्षा एवं मार्गदर्शन केंद्र विकसित करना है, जहां विद्यार्थी अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार विभिन्न पेशेवर करियर की तैयारी कर सकें तथा उन्हें एक ही मंच पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी फैकल्टी और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

The post दिल्ली में PINE की नई शैक्षणिक पहल की शुरुआत, एक ही छत के नीचे NEET, इंजीनियरिंग और जुडिशियरी की तैयारी appeared first on Rashtra Tak.

]]>
SQAY एसोसिएशन ऑफ दिल्ली द्वारा 16वीं दिल्ली स्टेट SQAY मार्शल आर्ट चैंपियनशिप का आयोजन https://www.rashtratak.com/rashtratak-5/ Sun, 13 Sep 2026 01:47:53 +0000 https://www.rashtratak.com/?p=2875 नई दिल्ली।** रोहिणी सेक्टर-11 स्थित तितिक्षा पब्लिक स्कूल में SQAY एसोसिएशन ऑफ दिल्ली द्वारा 16वीं दिल्ली स्टेट SQAY

The post SQAY एसोसिएशन ऑफ दिल्ली द्वारा 16वीं दिल्ली स्टेट SQAY मार्शल आर्ट चैंपियनशिप का आयोजन appeared first on Rashtra Tak.

]]>

नई दिल्ली।** रोहिणी सेक्टर-11 स्थित तितिक्षा पब्लिक स्कूल में SQAY एसोसिएशन ऑफ दिल्ली द्वारा 16वीं दिल्ली स्टेट SQAY मार्शल आर्ट चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में दिल्ली के विभिन्न स्कूलों से 648 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा, अनुशासन व खेल भावना का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में पद्मभूषण महाबली सतपाल मुख्य अतिथि रहे। SQAY एसोसिएशन ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष लव सहरावत मौजूद चैंपियनशिप का नेतृत्व मास्टर देवेंद्र दत्त गोड ने किया।
दिल्ली में अब तक के सर्वाधिक पदक जीतकर बॉयज कैटेगरी में मास्टर अभिषेक गंभीर ने रैंक नंबर-1 हासिल किया, जबकि गर्ल्स कैटेगरी में मास्टर हर्षिता कौशिक रैंक नंबर-1 पर रहीं।
चयनित खिलाड़ी अब दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हुए नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेंगे।
टीम चैंपियनशिप में भी खिलाड़ियों और स्कूलों ने शानदार प्रदर्शन किया। जिसमें प्रथम स्थान – SKV, प्रशांत विहार, द्वितीय स्थान – SKV, रमेश नगर और तृतीय स्थान – GGSSS, अवंतिका रहे।

चैंपियनशिप ने दिल्ली के युवा मार्शल आर्ट खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव हासिल करने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान किया। खिलाड़ियों के प्रदर्शन में उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण साफ नजर आया।

समारोह के अंत में विजेता खिलाड़ियों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें खेल के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

The post SQAY एसोसिएशन ऑफ दिल्ली द्वारा 16वीं दिल्ली स्टेट SQAY मार्शल आर्ट चैंपियनशिप का आयोजन appeared first on Rashtra Tak.

]]>
भारतीय सद्विचार मंच (दहिसर) द्वारा भव्य रुद्राभिषेक सम्पन्न – भक्ति, एकता और सामाजिक समरसता का दिव्य संगम https://www.rashtratak.com/mumbai-maharashtra/ Tue, 25 Aug 2026 09:22:13 +0000 https://www.rashtratak.com/?p=2766 राष्ट्र तक ब्यूरो, मुंबई/दहिसर।। श्रावण मास के पावन अवसर पर भारतीय सद्विचार मंच, दहिसर इकाई द्वारा भव्य रुद्राभिषेक

The post भारतीय सद्विचार मंच (दहिसर) द्वारा भव्य रुद्राभिषेक सम्पन्न – भक्ति, एकता और सामाजिक समरसता का दिव्य संगम appeared first on Rashtra Tak.

]]>

राष्ट्र तक ब्यूरो, मुंबई/दहिसर।। श्रावण मास के पावन अवसर पर भारतीय सद्विचार मंच, दहिसर इकाई द्वारा भव्य रुद्राभिषेक का आयोजन अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। भगवान शिव को समर्पित इस पवित्र महीने में आयोजित इस दिव्य अनुष्ठान में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंजायमान हो गया। यह कार्यक्रम केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं था, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, युवा जागरूकता और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम बन गया।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल के पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। इसके बाद बेलपत्र, पुष्प, धतूरा, भस्म और अक्षत अर्पित कर शिवस्तुति और रुद्रसूक्त का पाठ किया गया। मंत्रों की दिव्य ध्वनि से वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और आध्यात्मिक हो गया था। उपस्थित सभी श्रद्धालु आँखें बंद कर भोलेनाथ की भक्ति में लीन दिखे।

कार्यक्रम का विवरण:

कार्यक्रम स्थल को फूलों और भगवा पताकाओं से सजाया गया था। सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर यह साबित कर दिया कि आज भी सनातन धर्म के प्रति लोगों की आस्था अटूट है।

भजन-कीर्तन मंडली द्वारा प्रस्तुत शिव भजनों और शिव स्तुति ने पूरे वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया। ढोलक और हारमोनियम की थाप पर ‘बम बम भोले’ और ‘शिव शंकर को जिसने पूजा’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।

इस अवसर पर भारतीय सद्विचार मंच द्वारा युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा से जोड़ने हेतु विशेष प्रेरणादायी उद्बोधन भी प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ना बहुत जरूरी है। पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में हम अपनी महान परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। रुद्राभिषेक जैसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए इस पूजा में सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर पूजा-अर्चना में भाग लिया। न कोई छोटा, न कोई बड़ा – सभी शिव भक्त के रूप में एक साथ थे। यही तो सनातन धर्म की सबसे बड़ी सुंदरता है।

आयोजन में साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और प्रसाद वितरण की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। स्वयंसेवकों ने अनुशासित तरीके से पूरे कार्यक्रम को संभाला। अंत में महा-आरती की गई। महा-आरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

उपस्थित गणमान्य:

 

इस पावन अवसर पर मंच के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

–

  • डॉ. राधेश्याम तिवारी – मार्गदर्शक, संस्थापक:जिन्होंने मंच की स्थापना कर समाज में सद्विचारों के प्रसार का बीड़ा उठाया है। उनके मार्गदर्शन में मंच निरंतर प्रगति कर रहा है।–
  • डॉ. शिवश्याम तिवारी – अध्यक्ष: जिनके नेतृत्व में दहिसर इकाई ने इस भव्य आयोजन को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया।
  • – श्री हरि शंकर दुबे – राष्ट्र समाज के संरक्षक एवं वरिष्ठ समाजसेवी, विशेष अतिथि रहे : जिन्होंने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता पर जोर  दिया!

इनके अलावा श्री विनय पांडेय, श्री राजेश दुबे, श्रीमती उर्मिला तिवारी सहित सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। फोटो में सभी गणमान्य सदस्य पारंपरिक अंगवस्त्र पहनकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे हैं। दूसरे चित्र में कार्यक्रम के दौरान सेल्फी में उपस्थित पदाधिकारी एवं सदस्यों का उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

मंच का उद्देश्य एवं कार्य:

भारतीय सद्विचार मंच केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। यह मंच निरंतर धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में संस्कार, एकता और सेवा का संदेश प्रसारित कर रहा है।

मंच द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, संस्कृत शिक्षण एवं युवाओं के लिए मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाते हैं। गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा सामग्री वितरित करना, महिलाओं के लिए सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण जैसे कार्य भी मंच द्वारा किए जाते हैं।

रुद्राभिषेक जैसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। मंच का लक्ष्य आने वाले समय में और भी सेवा कार्यों को विस्तारित कर समाज हित में सतत योगदान देना है। मंच का मानना है कि जब समाज में सद्विचार आएंगे, तभी राष्ट्र का निर्माण होगा।

— राष्ट्र समाज टीम

–

The post भारतीय सद्विचार मंच (दहिसर) द्वारा भव्य रुद्राभिषेक सम्पन्न – भक्ति, एकता और सामाजिक समरसता का दिव्य संगम appeared first on Rashtra Tak.

]]>
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, सोनीपत इकाई का भव्य आयोजन – सामाजिक एकजुटता, संस्कार और महाराजा अग्रसेन की विरासत पर जोर https://www.rashtratak.com/rashtra/ Tue, 25 Aug 2026 07:59:01 +0000 https://www.rashtratak.com/?p=2750 ––रिपोर्ट: विनीत कुमार लोहिया, संरक्षक –      राष्ट्र तक, सोनीपत हरियाणा   सोनीपत। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन,

The post अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, सोनीपत इकाई का भव्य आयोजन – सामाजिक एकजुटता, संस्कार और महाराजा अग्रसेन की विरासत पर जोर appeared first on Rashtra Tak.

]]>

  • ––रिपोर्ट: विनीत कुमार लोहिया, संरक्षक –
  •      राष्ट्र तक, सोनीपत हरियाणा

 

सोनीपत। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, सोनीपत इकाई के तत्वावधान में एक भव्य और प्रेरणादायी विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती (डॉ.) अर्चना गुप्ता जी का भव्य अभिनंदन किया गया, साथ ही अग्रवाल समाज की एकजुटता, सामाजिक समरसता और महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

समारोह स्थल को तिरंगे और फूलों से सजाया गया था। मंच पर पुष्प गुच्छों से सुसज्जित पोडियम से वक्ताओं ने समाज के उत्थान के लिए अपने विचार रखे। प्रस्तुत चित्र में वरिष्ठ पदाधिकारी मंच से समाज को संबोधित करते हुए संस्कार और संगठन की महत्ता पर प्रकाश डाल रहे हैं। उनके पीछे तिरंगा और सांस्कृतिक सजावट इस बात का प्रतीक है कि समाज देशभक्ति और संस्कृति दोनों को साथ लेकर चलता है।

  • समारोह में उमड़ा जनसैलाब

इस विशेष समारोह में सोनीपत की अनेक सामाजिक, शैक्षणिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि अग्रवाल समाज में महिला सशक्तिकरण को भी उतना ही महत्व दिया जाता है। मंच के सामने बैठे श्रोताओं में युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी ने तालियों के साथ वक्ताओं का स्वागत किया।

वक्ताओं ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी शक्ति हमारी एकजुटता है। जब समाज एकजुट होता है, तो वह किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है। अग्रवाल समाज ने हमेशा से ही व्यापार, सेवा और परोपकार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है। महाराजा अग्रसेन जी ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जहाँ कोई गरीब न हो, कोई भूखा न सोए। उसी कल्पना को साकार करने के लिए आज का यह सम्मेलन आयोजित किया गया है।

  • डॉ. अर्चना गुप्ता का प्रेरणादायी संबोधन

समारोह की मुख्य अतिथि हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी ने अपने संबोधन में कहा कि अग्रवाल समाज ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश आज विकास के पथ पर अग्रसर है और इसमें समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे आगे आएं और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

उन्होंने कहा, “महाराजा अग्रसेन जी ने हमें एक रुपया और एक ईंट का सिद्धांत दिया था। यह सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। इसका अर्थ है कि समाज के हर व्यक्ति को सहयोग करना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति पीछे न रह जाए। आज जब हम बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात करते हैं, तो अग्रवाल समाज पहले से ही इस दिशा में काम कर रहा है।

विनीत कुमार लोहिया का संदेश

राष्ट्र तक सोनीपत के प्रतिनिधि विनीत कुमार लोहिया ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र तक और राष्ट्र समाज हमेशा से ही सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ खबर दिखाना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना भी है। आज का यह सम्मेलन इसका जीता-जागता उदाहरण है।”

  • महाराजा अग्रसेन की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प

समारोह में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आइए, आने वाली पीढ़ी को संस्कार, संगठन, अवसर और सशक्त सामाजिक आधार देकर महाराजा अग्रसेन जी की विरासत को और मजबूत करें। वक्ताओं ने कहा कि आज के युवा को अपने इतिहास और संस्कृति के बारे में जानना बहुत जरूरी है। अगर युवा अपने संस्कारों से जुड़ा रहेगा, तो वह कभी भी गलत रास्ते पर नहीं जाएगा।

समारोह में समाज के कई गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। अंत में सभी ने मिलकर महाराजा अग्रसेन जी के जयकारे लगाए।

जय महाराजा अग्रसेन!

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि समाज में एकता और भाईचारा बना रहे।

RS_August_2026 _Digital

संपादकीय संपर्क: डॉ. प्रमोद तिवारी, मुख्य संपादक – राष्ट्र समाज, 9911662767 / 8368272439 

The post अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, सोनीपत इकाई का भव्य आयोजन – सामाजिक एकजुटता, संस्कार और महाराजा अग्रसेन की विरासत पर जोर appeared first on Rashtra Tak.

]]>
*सज्जन कुमार: जीवन, राजनीति, 1984 दंगे और निधन https://www.rashtratak.com/sajjan-kumar-life-politics-1984-riots-and-death/ Fri, 21 Aug 2026 16:29:29 +0000 https://www.rashtratak.com/?p=2714 *1. शुरुआती जीवन और राजनीतिक सफर* सज्जन कुमार का जन्म *28 सितंबर 1945* को दिल्ली में हुआ था।

The post *सज्जन कुमार: जीवन, राजनीति, 1984 दंगे और निधन appeared first on Rashtra Tak.

]]>

*1. शुरुआती जीवन और राजनीतिक सफर*

सज्जन कुमार का जन्म *28 सितंबर 1945* को दिल्ली में हुआ था। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और दिल्ली की राजनीति में 1980-90 के दशक में बड़ा नाम था।

1980 में पहली बार वे *कांग्रेस* के टिकट पर *बाहरी दिल्ली* से लोकसभा सांसद बने। इसके बाद 1985, 1991 और 2004 में भी सांसद चुने गए। माना जाता था कि दिल्ली की सिख और ग्रामीण बेल्ट में उनकी अच्छी पकड़ थी।

कांग्रेस सरकार में वे *मंत्री* भी रहे। उन्हें “जमीनी नेता” कहा जाता था क्योंकि वो सीधे लोगों से मिलते थे।

2. 1984 के सिख विरोधी दंगे और नाम क्यों आया

31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री *इंदिरा गांधी* की उनके सिख अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी। इसके बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में करीब 2800 सिख मारे गए।

इसी दौरान *पालम कॉलोनी, राजनगर पार्ट-1, जनकपुरी, विकासपुरी, सरस्वती विहार* जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा हिंसा हुई।

सज्जन कुमार का नाम इन इलाकों में दंगों का “नेतृत्व” करने के आरोप में आया। पीड़ित परिवारों ने कहा कि 1-2 नवंबर 1984 को उनके घरों को जलाया गया, लूटा गया और कई लोगों को मार दिया गया।

3. लंबी कानूनी लड़ाई

ये केस 30 साल से ज्यादा चला।

2013: दिल्ली की निचली अदालत ने पालम कॉलोनी केस में सज्जन कुमार को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा सबूत कमजोर हैं।

दिसंबर 2018: दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलट दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि ये “सामूहिक हिंसा” थी और सज्जन कुमार ने भीड़ को उकसाया। उन्हें *उम्रकैद* की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने कहा – “राजनीतिक अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए”।

इसके बाद सज्जन कुमार ने सरेंडर किया और तिहाड़ जेल चले गए।

2025: राउज एवेन्यू कोर्ट ने सरस्वती विहार केस में भी उन्हें उम्रकैद सुनाई। आरोप था कि उन्होंने 1 नवंबर 1984 को जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुंदीप सिंह की हत्या करने वाली भीड़ का नेतृत्व किया।

जनवरी 2026*: राउज एवेन्यू कोर्ट ने जनकपुरी-विकासपुरी वाले एक अन्य केस में उन्हें *बरी* कर दिया। कोर्ट ने कहा उस केस में सबूत नाकाफी थे।

कुल मिलाकर 3 केस थे – 2 में उम्रकैद, 1 में बरी।

4. जेल जीवन और स्वास्थ्य

2018 से 2026 तक सज्जन कुमार *तिहाड़ जेल* में बंद थे। जेल सूत्रों के मुताबिक उन्हें *हाई ब्लड प्रेशर और पार्किंसन* की बीमारी थी। उम्र 80 साल हो चुकी थी।

जेल में रहते हुए भी उनके समर्थक उनसे मिलने आते थे। कांग्रेस में उनके कुछ पुराने साथी उन्हें “फंसाया गया नेता” कहते थे, जबकि सिख संगठन उन्हें “दंगों का दोषी” मानते थे।

5. 20 अगस्त 2026 – निधन

20 अगस्त 2026 गुरुवार की सुबह तिहाड़ जेल में सज्जन कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

सुबह करीब 11 बजे उन्हें VMMC-सफदरजंग अस्पताल लाया गया। अस्पताल ने बयान दिया कि “तमाम कोशिशों के बावजूद दोपहर 12:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया”।

निधन के समय उनकी उम्र 80 साल थी। मौत की वजह आधिकारिक तौर पर “बीमारी” बताई गई।

निधन की खबर के बाद बेटे जग प्रवेश कुमार और परिवार अस्पताल पहुंचे।

6. निधन के बाद प्रतिक्रियाएं

सिख पीड़ित परिवार: Live Hindustan से बात करते हुए 1984 दंगों में अपने 11 परिवार के सदस्यों को खोने वाली *गंगा कौर* ने कहा – “अगर फांसी होती तो ज्यादा सुकून मिलता। प्राकृतिक मौत से इंसाफ जैसा नहीं लगा”।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: कांग्रेस ने आधिकारिक शोक नहीं जताया। कई नेताओं ने कहा “कानून अपना काम कर चुका”। भाजपा और सिख संगठनों ने कहा “देर से ही सही, न्याय हुआ”।

7. विवाद और बहस

सज्जन कुमार का नाम आज भी 2 ध्रुवों में बंटा है:

आरोप: पीड़ित पक्ष कहता है कि वो 1984 दंगों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से थे। हाईकोर्ट ने भी माना कि सत्ता के दुरुपयोग से हिंसा हुई।

*बचाव*: समर्थक कहते हैं कि 30 साल बाद गवाहों के बयानों पर सजा हुई। कुछ का कहना है कि उन्हें “बलि का बकरा” बनाया गया।

8. विरासत

सज्जन कुमार का जीवन 3 बातों के लिए याद रखा जाएगा:
1. 1980-2004 तक दिल्ली कांग्रेस के बड़े चेहरे
2. 1984 दंगों के सबसे चर्चित आरोपी* जिनको उम्रकैद हुई
3. 8 साल तिहाड़ में बिताने के बाद जेल में ही निधन

1984 दंगों के केस में सजा पाने वाले वो सबसे बड़े राजनीतिक नेता थे।

निष्कर्ष

सज्जन कुमार का निधन एक युग के अंत जैसा है। 1984 दंगों के घाव आज भी सिख समुदाय में ताजे हैं। कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया, जेल में सजा भी काटी, और अंत जेल में ही हुआ।

इतिहास उन्हें “नेता” के रूप में भी याद करेगा और “आरोपी” के रूप में भी।

—

कांग्रेस के पूर्व सांसद और 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार का निधन 20 अगस्त 2026 को दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हुआ।
निधन से जुड़ी मुख्य बातें
  • समय और स्थान: 20 अगस्त 2026 को दोपहर 12:30 बजे, सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली।
  • अस्पताल का बयान: उन्हें सुबह करीब 11 बजे बेहोशी की हालत में तिहाड़ जेल से अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
  • स्वास्थ्य कारण: वह लंबे समय से बीमार थे और उन्हें हाई ब्लड प्रेशर तथा पार्किंसंस जैसी बीमारियां थीं।
  • कानूनी पृष्ठभूमि: वह 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा

The post *सज्जन कुमार: जीवन, राजनीति, 1984 दंगे और निधन appeared first on Rashtra Tak.

]]>
“अयोध्या के रणबाँकुरे “: जांबाज़ ,तकनीक- प्रिय जनसेवी अपर पुलिस आयुक्त डा. राजीव नारायण मिश्र https://www.rashtratak.com/ranbankure-of-ayodhya-brave-technology-dear-public-servant-additional-police-commissioner-dr-rajeev-narayan-mishra/ Wed, 05 Aug 2026 12:18:08 +0000 https://www.rashtratak.com/?p=2643 नोएडा यूपी , राष्ट्रतक- राह से राष्ट्र तक: एक जांबाज, तकनीक-प्रिय और जनसेवी पुलिस अधिकारी का . संक्षिप्त

The post “अयोध्या के रणबाँकुरे “: जांबाज़ ,तकनीक- प्रिय जनसेवी अपर पुलिस आयुक्त डा. राजीव नारायण मिश्र appeared first on Rashtra Tak.

]]>

नोएडा यूपी , राष्ट्रतक- राह से राष्ट्र तक:

एक जांबाज, तकनीक-प्रिय और जनसेवी पुलिस अधिकारी का . संक्षिप्त परिचय और पारिवारिक पृष्ठभूमि

डॉ. राजीव नारायण मिश्रा भारतीय पुलिस सेवा के 2010 बैच के IPS अधिकारी हैं। उनका जन्म 30 अक्टूबर को कानपुर नगर में विजयादशमी के दिन हुआ था। उनके पिता उत्तर प्रदेश सरकार में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी थे और माता मनोरमा मिश्रा शिक्षित गृहिणी थीं तथा साहित्य रत्न की उपाधि प्राप्त थीं।

पिता के तबादलों के कारण उनकी प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई। बाद में उन्होंने कानपुर में माध्यमिक और उच्च शिक्षा पूरी की। शैक्षणिक रूप से वे बेहद प्रतिभाशाली रहे – क्राइस्टचर्च कॉलेज, कानपुर से बीकॉम और एमकॉम की डिग्री, रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से पीएचडी। IPS बनने से पहले उन्होंने एक निजी कंपनी में मैनेजमेंट ट्रेनी और PPN डिग्री कॉलेज कानपुर में प्रवक्ता के रूप में भी काम किया। 3753

2. पीसीएस  से आईपीएस  तक का सफर
राजीव नारायण मिश्रा ने अपना करियर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से PCS अधिकारी के रूप में खंडवा जिले में शुरू किया। लेकिन उनका लक्ष्य IPS था जिसे उन्होंने मेहनत से हासिल किया और 2010 बैच में IPS बने। 1827

3. सेवा में नियुक्तियां और कार्यक्षेत्र
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनकी पहली नियुक्ति वाराणसी में हुई। इसके बाद उन्होंने अयोध्या, बरेली, मेरठ, नोएडा, कुशीनगर और लखनऊ जैसे संवेदनशील जिलों में विभिन्न पदों पर काम किया।

प्रमुख पद:
– SP Traffic, नोएडा- यहां उन्होंने ट्रैफिक सुधार के कई अभिनव प्रयोग किए
– SP, ATS और SP, STF पश्चिमी UP
– SSP, STF उत्तर प्रदेश – पूरे प्रदेश में पेशेवर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की कमान
– PAC East Zone, प्रयागराज में तैनाती के बाद 2024-2025 में उन्हें नोएडा का अपर पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था बनाया गया ।वर्तमान में कानून व्यवस्था के साथ-साथ रिट सेल का पर्यवेक्षण भी हैं ।सिंगापुर पुलिस की कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण भी लिया है।

 

4. प्रमुख उपलब्धियां और योगदान –

A. राष्ट्र की रक्षा में अदम्य साहस – अयोध्या हमला 2005
IPS राजीव नारायण मिश्रा की सबसे बड़ी पहचान 5 जुलाई 2005 को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि पर हुए आतंकी हमले में  उन्होंने प्राणों की परवाह न करते हुए CRPF के साथ आतंकवादियों से सीधा मोर्चा लिया और हमले में शामिल सभी 5 आतंकवादियों को मार गिराया। आतंकियों के पास से AK-47, पिस्टल, हैंड ग्रेनेड, रॉकेट लॉन्चर जैसी बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद हुई थी।

 

  • इस वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति के पुलिस पदक – वीरता से सम्मानित किया। इसी कारण उन्हें “अयोध्या के रणबांकुरे” और “योगी के भरोसेमंद अफसर” भी कहा जाता है।

 

  • B. अपराध नियंत्रण में सख्त प्रशासक की छवि
    वे एक सख्त लेकिन न्यायप्रिय अधिकारी माने जाते हैं। STF में रहते हुए उन्होंने 37,000 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का पर्दाफाश किया और साइबर अपराधियों को जेल पहुंचाया। ATS में रहते हुए कई आतंकी साजिशों को विफल किया। SSP, STF रहते हुए उन्होंने अभ्यस्त और पलायित अपराधियों को उनके “अंतिम अंजाम” तक पहुंचाया।

 

नोएडा जैसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में उनकी तैनाती को इस बात का संकेत माना गया कि राज्य सरकार लॉ एंड ऑर्डर में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

 

C. ट्रैफिक और टेक्नोलॉजी में क्रांतिकारी बदलाव
राजीव नारायण मिश्रा अभिनव प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं। SP Traffic नोएडा रहते हुए उन्होंने *उत्तर प्रदेश में सबसे पहले नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर कैमरों के माध्यम से ऑटोमेटिक चालान प्रणाली* शुरू की। इसका परिणाम ये हुआ कि सड़क दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में महत्वपूर्ण कमी आई।

वर्तमान में भी उनसे ट्रैफिक व्यवस्था, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और शहरी कानून व्यवस्था में बड़े निर्णयों की उम्मीद है।

 

D. कोविड काल में मानवता की मिसाल
कोरोना की पहली लहर में जब लोग परेशान थे, तब उन्होंने अपने *PAC कैंपस में L-1 हॉस्पिटल बनवाया और 48 जवानों व उनके परिवारों का मुफ्त इलाज कराया। इस मॉडल को बाद में पूरे उत्तर प्रदेश में अपनाया गया।

 

E. महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक पुलिसिंग
मिशन शक्ति 5.0 के तहत नोएडा स्टेडियम में ‘रन फॉर एम्पावरमेंट’ का आयोजन उनके नेतृत्व में हुआ। उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान, कल्याणकारी योजनाएं और चौपालों के माध्यम से समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।

10 जून 2025 को नोएडा सिटीजन फोरम के साथ बैठक में उन्होंने *सामुदायिक पुलिसिंग, नाइट पेट्रोलिंग, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और घरौंदा माफिया* पर चर्चा की और 15 दिन में एक्शन प्लान का आश्वासन दिया।

 

5. सम्मान और पहचान
– राष्ट्रपति पुलिस पदक – वीरता
– DGP प्लेटिनम डिस्क
– राज्य और केंद्र सरकार से कई प्रशंसा पत्र
– तकनीक और इंटेलिजेंस के सहारे अपराध खत्म करने में माहिर अधिकारी के रूप में पहचान

 

6. कार्यशैली और नेतृत्व
उनकी छवि एक “सख्त प्रशासक, तेजतर्रार अधिकारी” की है। वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी बराबरी का सम्मान देते हैं। नोएडा में उनकी दूसरी पारी को लेकर पुलिस विभाग में सकारात्मक उत्साह है क्योंकि पहले भी यहां उनकी अपराध नियंत्रण नीतियों की सराहना हुई थी।

वर्तमान में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने जिले में बेहतर समन्वय के लिए उन्हें कानून व्यवस्था के साथ रिट सेल का दायित्व दिया है।

 

निष्कर्ष
IPS राजीव नारायण मिश्रा का जीवन कर्तव्य, साहस और नवाचार का संगम है। अयोध्या में देश की रक्षा करने वाले जांबाज से लेकर नोएडा में ट्रैफिक और साइबर अपराध पर नियंत्रण करने वाले आधुनिक पुलिस अधिकारी तक, उनका सफर प्रेरणादायक है। कोविड में मानवता, महिलाओं के सशक्तिकरण और सामुदायिक पुलिसिंग पर उनका जोर उन्हें एक जनसेवी अफसर बनाता है।

 

नोएडा की कानून व्यवस्था की कमान अब ऐसे अधिकारी के हाथों में है जिनकी पहचान “जीरो टॉलरेंस” और “टेक्नोलॉजी के साथ पुलिसिंग” है।ऐसे देश के बीर जवानों की सेवा के लिए राष्ट्र समाज परिवार  हार्दिक शुभकामनाएँ एवं अभिनंदन करता है

The post “अयोध्या के रणबाँकुरे “: जांबाज़ ,तकनीक- प्रिय जनसेवी अपर पुलिस आयुक्त डा. राजीव नारायण मिश्र appeared first on Rashtra Tak.

]]>