राष्ट्र तक ब्यूरो, मुंबई/दहिसर।। श्रावण मास के पावन अवसर पर भारतीय सद्विचार मंच, दहिसर इकाई द्वारा भव्य रुद्राभिषेक का आयोजन अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। भगवान शिव को समर्पित इस पवित्र महीने में आयोजित इस दिव्य अनुष्ठान में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंजायमान हो गया। यह कार्यक्रम केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं था, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, युवा जागरूकता और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम बन गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल के पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। इसके बाद बेलपत्र, पुष्प, धतूरा, भस्म और अक्षत अर्पित कर शिवस्तुति और रुद्रसूक्त का पाठ किया गया। मंत्रों की दिव्य ध्वनि से वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और आध्यात्मिक हो गया था। उपस्थित सभी श्रद्धालु आँखें बंद कर भोलेनाथ की भक्ति में लीन दिखे।
कार्यक्रम का विवरण:
कार्यक्रम स्थल को फूलों और भगवा पताकाओं से सजाया गया था। सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर यह साबित कर दिया कि आज भी सनातन धर्म के प्रति लोगों की आस्था अटूट है।
भजन-कीर्तन मंडली द्वारा प्रस्तुत शिव भजनों और शिव स्तुति ने पूरे वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया। ढोलक और हारमोनियम की थाप पर ‘बम बम भोले’ और ‘शिव शंकर को जिसने पूजा’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।
इस अवसर पर भारतीय सद्विचार मंच द्वारा युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा से जोड़ने हेतु विशेष प्रेरणादायी उद्बोधन भी प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ना बहुत जरूरी है। पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में हम अपनी महान परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। रुद्राभिषेक जैसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए इस पूजा में सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर पूजा-अर्चना में भाग लिया। न कोई छोटा, न कोई बड़ा – सभी शिव भक्त के रूप में एक साथ थे। यही तो सनातन धर्म की सबसे बड़ी सुंदरता है।
आयोजन में साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और प्रसाद वितरण की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। स्वयंसेवकों ने अनुशासित तरीके से पूरे कार्यक्रम को संभाला। अंत में महा-आरती की गई। महा-आरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
उपस्थित गणमान्य:

इस पावन अवसर पर मंच के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
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- डॉ. राधेश्याम तिवारी – मार्गदर्शक, संस्थापक:जिन्होंने मंच की स्थापना कर समाज में सद्विचारों के प्रसार का बीड़ा उठाया है। उनके मार्गदर्शन में मंच निरंतर प्रगति कर रहा है।–
- डॉ. शिवश्याम तिवारी – अध्यक्ष: जिनके नेतृत्व में दहिसर इकाई ने इस भव्य आयोजन को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया।
- – श्री हरि शंकर दुबे – राष्ट्र समाज के संरक्षक एवं वरिष्ठ समाजसेवी, विशेष अतिथि रहे : जिन्होंने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता पर जोर दिया!
इनके अलावा श्री विनय पांडेय, श्री राजेश दुबे, श्रीमती उर्मिला तिवारी सहित सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। फोटो में सभी गणमान्य सदस्य पारंपरिक अंगवस्त्र पहनकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे हैं। दूसरे चित्र में कार्यक्रम के दौरान सेल्फी में उपस्थित पदाधिकारी एवं सदस्यों का उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
मंच का उद्देश्य एवं कार्य:

भारतीय सद्विचार मंच केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। यह मंच निरंतर धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में संस्कार, एकता और सेवा का संदेश प्रसारित कर रहा है।
मंच द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, संस्कृत शिक्षण एवं युवाओं के लिए मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाते हैं। गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा सामग्री वितरित करना, महिलाओं के लिए सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण जैसे कार्य भी मंच द्वारा किए जाते हैं।
रुद्राभिषेक जैसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। मंच का लक्ष्य आने वाले समय में और भी सेवा कार्यों को विस्तारित कर समाज हित में सतत योगदान देना है। मंच का मानना है कि जब समाज में सद्विचार आएंगे, तभी राष्ट्र का निर्माण होगा।
— राष्ट्र समाज टीम
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