इनकाउंटर या हत्या! सरेंडर के बाद गोली क्यों चली? भोजपुर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के मामले ने तूल पकड़ लिया है. परिजनों का दावा है कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था और वह फेसबुक लाइव भी था. मामले में न्यायिक और CBI जांच की मांग उठ रही है, जबकि पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है.
Bihar News: भोजपुर के बेलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में हुई भरत तिवारी की मौत का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. भरत भूषण को मंगलवार को पुलिस ने ‘मानसिक अस्वस्थ’ बताया था, लेकिन एक दिन बाद ही उनका एनकाउंटर कर दिया. इलाज के दौरान भरत भूषण की मृत्यु हो गई.परिजनों के गंभीर आरोप, फेसबुक लाइव का वायरल वीडियो और नेताओं की जांच की मांग ने इस पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है.

मृतक भरत तिवारी के परिजन दावा कर रहे हैं कि एनकाउंटर के दौरान वह फेसबुक पर लाइव था और पुलिस के सामने अपना हथियार फेंककर आत्मसमर्पण कर चुका था. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सरेंडर के बाद ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि पुलिस को गोली चलानी पड़ी.परिजनों का आरोप है कि पुलिस साजिश के तहत हत्या की है.
कैप्शन, गोली लगने से पहले भरत भूषण ने अपने फ़ेसबुक अकांउट से जो लाइव किया था, उसमें यह दिख रहा है कि उन्होंने अपनी पिस्टल पुलिस की तरफ फेंक दी थी.
गोली लगने के बाद भरत भूषण को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल ले जाया गया.
सदर अस्पताल के चिकित्सक एमएच अंसारी ने बताया, “मरीज को कमर के निचले हिस्से में चार गोलियां लगी थीं. गोली हम लोगों ने निकाल दी थीं लेकिन मरीज़ की हालत ठीक नहीं थी. उसे बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच (पटना) रेफ़र किया गया.”
बाद में इलाज के दौरान भरत भूषण की पीएमसीएच में मौत हो गई.भरत भूषण के पिता कासीनाथ तिवारी ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा, “सुबह (बुधवार) से हमको थाने में बैठा कर रखा गया और गांव में मेरे बेटे को गोली मार दी गई. मेरा बेटा कोई अपराधी नहीं था. उसका सिर्फ़ मानसिक संतुलन ठीक नहीं था. मुझे शाम में थाने से छोड़ा गया. पुलिस वालों ने मुझसे कहा कि उसके पांव में गोली लगी है. इतना पुलिस बल था और निहत्थे को ये लोग नहीं पकड़ सके. पुलिस वालों का प्लान मेरे बेटे को मारने का था.”
बीते मंगलवार से ही पुलिस और भरत भूषण के बीच तनाव चल रहा था. भरत भूषण कभी अपने फ़ेसबुक पेज से लाइव आकर तो कभी इस तनाव का वीडियो डालकर सभी घटनाओं को सार्वजनिक कर रहे थे.
एनकाउंटर होने से पहले भी उन्होंने लाइव किया था. जिसमें एक मैदान में एक तरफ़ पुलिस खड़ी दिखती है और दूसरी तरफ़ भरत हैं जो अपनी बातें रखते हुए लाइव कर रहे थे. इस लाइव में वो अपनी पिस्टल पुलिस की तरफ फेंकते हुए दिखते हैं. लेकिन इसके बाद ही वीडियो ख़त्म हो जाता है.
हालांकि, पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया है, “भरत भूषण पुलिस पर लगातार रुक-रुककर फ़ायरिंग करता रहा.”
भरत भूषण की मां आशा देवी का कहना है, “जवनिया गांव (बीते साल बाढ़ प्रभावित इलाका) से लोग आए थे कि उनके यहां मिट्टी भराव का काम नहीं हो रहा है. मेरा बेटा समाज का मुद्दा उठा रहा था. जब उसने सरेंडर कर दिया था तो पुलिस ने उसे क्यों मारा?”
पुलिस को चैलेंज करने वाले को जवाब मिलेगा’

कैप्शन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कहते रहे हैं कि पुलिस को चैलेंज करने वाले को 48 घंटे में जवाब मिलेगा
मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से ही सम्राट चौधरी का ‘एनकाउंटर’ को लेकर दिया गया बयान चर्चा में आया.
पुलिस विभाग की कई मीटिंग्स के साथ-साथ पब्लिक मीटिंग में भी सम्राट चौधरी कहते रहे हैं, “बिहार में कानून से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता. जो कोई भी पुलिस को चैलेंज करेगा, उसे 48 घंटे में जवाब मिलेगा.”

मेरे बेटे ने समाज के लिए लड़ाई लड़ी: पिता
मृतक के पिता काशी नाथ ने बताया कि ‘मेरा बेटा बिल्कुल सही था और वह समाज के लिए लड़ाई लड़ रहा था। उसने कोई अपराध नहीं किया था। न ही उस पर कोई चार्जशीट या FIR थी।’ पिता ने सीधे तौर पर पुलिस पर आरोप लगाया कि ‘उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। भरत ने पिस्टल पुलिस कर्मियों के सामने फेंक दिया था और सरेंडर भी कर दिया था। वो तो कोई अपराधी भी नहीं था। लेकिन फिर भी पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया।’ यह बात बताते हुए मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी की आंखें भर आईं। क्योंकि उनके बेटे को पुलिस ने पहले मानसिक विक्षिप्त बताया और फिर गोली मार दी।
