नई दिल्ली/अगरतला: आरईसी लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय के अधीन महारत्न सीपीएसई और अग्रणी एनबीएफसी, ने त्रिपुरा सरकार के साथ ₹15,000 करोड़ की बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के समर्थन के लिए दो समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं।
ये समझौता ज्ञापन ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिज़नेस कॉन्क्लेव 2026‘ के दौरान हस्ताक्षरित किए गए, जो पूर्वोत्तर में सतत विकास को सक्षम करने और बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आरईसी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
पहले समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत, आरईसी लिमिटेड ने त्रिपुरा सरकार के विद्युत विभाग के माध्यम से त्रिपुरा रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (TREDA) के साथ साझेदारी की है, ताकि ₹5,000 करोड़ तक की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके। इस समझौते पर आरईसी के गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री सुभेंदु रॉय और TREDA के महानिदेशक (प्रभारी) श्री डी. एस. दास ने हस्ताक्षर किए।
त्रिपुरा में नवीकरणीय ऊर्जा विकास के लिए नोडल एजेंसी के रूप में, TREDA पूरे राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के कार्यान्वयन को सुगम बनाएगा, जबकि आरईसी लिमिटेड हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को सक्षम करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इस साझेदारी से स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने में तेजी आने, त्रिपुरा की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को अनलॉक करने और क्षेत्र के सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
राज्य के साथ अपनी साझेदारी को और मज़बूत करते हुए, आरईसी लिमिटेड ने त्रिपुरा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TSECL) के माध्यम से त्रिपुरा सरकार के ऊर्जा विभाग के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, ताकि ₹10,000 करोड़ की बिजली क्षेत्र की परियोजनाओं को सहायता दी जा सके।
हस्ताक्षर समारोह में त्रिपुरा सरकार के माननीय बिजली मंत्री श्री रतन लाल नाथ उपस्थित थे। समझौता ज्ञापन पर आरईसी क्षेत्रीय कार्यालय, गुवाहाटी के मुख्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री शुभेंदु रॉय और TSECL के प्रबंध निदेशक श्री बिस्वजीत बसु ने हस्ताक्षर किए।
₹10,000 करोड़ की यह साझेदारी राज्य में बिजली क्षेत्र की प्रमुख पहलों के लिए वित्तपोषण को सुगम बनाने के उद्देश्य से की गई है, जो त्रिपुरा के बिजली बुनियादी ढांचे के विस्तार और आधुनिकीकरण में योगदान देगी और साथ ही नागरिकों के लिए विश्वसनीय और टिकाऊ बिजली की पहुंच सुनिश्चित करेगी।
