प्रयागराज के धर्मगुरु एवं महान संत रंजीत जी महाराज से बेंगलुरु में लगभग 6–8 महीने पहले दर्शन एवं आत्मीय भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। तब से समय-समय पर उनसे बातचीत भी होती रहती है। यह विशेष मुलाकात फिल्म प्रोड्यूसर माणिक जी सोनी के निवास पर हुई थी। इस भेंट का माध्यम मुकेश कुकरेजा जी बने, जिन्होंने महाराज जी से मिलवाया और उनका संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराया।
संत रंजीत जी महाराज की सबसे बड़ी विशेषता उनकी अद्भुत सरलता, विनम्रता और अहंकाररहित व्यक्तित्व है। उनसे बातचीत करते समय ऐसा अनुभव होता है कि इतनी सहज और सरल भाषा में बात करने वाले संत बहुत कम देखने को मिलते हैं। उनकी इसी सरलता में उनकी आध्यात्मिक शक्ति और प्रभाव की अनुभूति होती है।
महाराज जी माँ बगलामुखी के परम भक्त हैं और लोगों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए निरंतर सेवा एवं आध्यात्मिक कार्य करते रहते हैं। अपनी उम्र में भी जिस ऊर्जा, समर्पण और मेहनत के साथ वे लोगों के बीच जाते हैं और सेवा करते हैं, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। निश्चित रूप से उन पर ईश्वर की विशेष कृपा है।
महाराज जी की हथेली में ॐ का अद्भुत चिन्ह दिखाई देता है। ॐ को सनातन परंपरा में परम शक्ति का प्रतीक माना गया है और मंत्र, यंत्र एवं आध्यात्मिक साधना में इसका विशेष महत्व है। उनके हाथ में ॐ का यह चिन्ह देखकर आध्यात्मिक आस्था और श्रद्धा का अनुभव और भी गहरा हो जाता है।

संत रंजीत जी महाराज के दर्शन एवं सान्निध्य में एक विशेष शांति, सरलता और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उनका जीवन लोगों की सेवा, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और कल्याण के प्रति समर्पित है। ऐसे संतों का सान्निध्य निश्चित रूप से हमारे लिए सौभाग्य और प्रेरणा का विषय है।

डॉ. रवींद्र जैन
वास्तु कंसल्टेंट, बेंगलुरु
प्रभारी, अखिल भारतीय हिंदू महासभा – कर्नाटक
BRICS देशों के साथ कार्यरत
भारत के विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लोगों के साथ कार्यरत
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